हमारे संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में नई भर्ती निकालने और वर्षों से लटकी भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने की मांग को लेकर आज राजधानी देहरादून में युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने परेड ग्राउंड में जोरदार प्रदर्शन किया और उसके बाद सचिवालय कूच करने की कोशिश की।
बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन 29 अक्टूबर से शुरू हुआ था जो आज 30 अक्टूबर को उग्र हो गया। सुबह से ही प्रदेश के अलग—अलग जिलों से युवा परेड ग्राउंड पर इकट्ठा होने लगे थे। हाथों में तख्तियां और नारे लगाते हुए युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें सचिवालय जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी लेकिन युवा बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। इस दौरान पुलिस और युवाओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने सरकार के सामने 17 सूत्रीय मांग पत्र रखा है। उनकी प्रमुख मांग है कि सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास विभाग और उच्च शिक्षा विभाग में जो हजारों पद सालों से खाली पड़े हैं उन पर तुरंत नई भर्ती विज्ञप्तियां जारी की जाएं। इसके साथ ही आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में अनुदेशकों के खाली पदों को भरा जाए। संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग के नाम पर युवाओं का शोषण कर रही है और नियमित भर्ती नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि आउटसोर्सिंग प्रथा को पूरी तरह से खत्म कर सभी पदों पर नियमित, पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षा आयोजित की जाए। साथ ही लंबित भर्तियों की जांच और रिजल्ट में हो रही देरी को भी तुरंत दूर किया जाए। युवाओं का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में और तेज होगा।


