Wednesday, October 28, 2026
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गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का खुलासा, दो साजिशकर्ता गिरफ्तार घटना में फरार 6 आरोपियों पर 25—25 हजार का ईनाम

देहरादून। झारखण्ड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दून में हुई हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीमों द्वारा इस वारदात में शामिल दो साजिशकर्ताआें को अलग—अलग प्रदेशों से गिरफ्तार कर लिया है। हालंाकि घटना में शामिल तीन मुख्य आरोपियों सहित 6 लोग फरार है। जिन पर 25—25 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया है।
एसएसपी देहरादून प्रमेन्द्र डोबाल व एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया गया कि बीती 13 फरवरी को कोतवाली डालनवाला पुलिस को सूचना मिली कि सिल्वरसिटी माल में कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की पहचान विक्रम शर्मा पुत्र अमृतपाल शर्मा निवासी अमनविहार रायपुर के रूप में हुई। जिसके बारे में जानकारी मिली कि वह झारखण्ड का कुख्यात अपराधी भी था। जिस पर हत्या, रंगदारी सहित 50 से अधिक कई संगीन मुकदमें दर्ज थे। बहरहाल पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर हत्याकांड की जांच शुरू कर दी गयी। जांच के दौरान सामने आया कि हत्या के बाद शूटरों द्वारा अपनी बाइक को सहस्त्रधारा क्षेत्र में खडा कर वहां पूर्व से खडी की गई मोटर साइकिल व स्कूटी से हरिद्वार की ओर गये है। पुलिस द्वारा उक्त बाइक को बरामद कर लिया गया। जांच में पता चला कि वह बाइक जितेन्द्र कुमार साहु पुत्र मुन्ना साहु निवासीः पूर्वी सिंहभूम झारखण्ड के नाम पर पंजीकृत है। जिसके बाद पुलिस टीम हरिद्वार पहुंची। जानकारी में पता चला कि आरोपियों ने घटना के बाद भागने में इस्तेमाल की गई उक्त मोटर साइकिल व स्कूटी को आकाश कुमार प्रसाद पुत्र अरूण प्रसाद निवासीः बागबेडा जमशेदपुर झारखण्ड की आई.डी. पर लिया जाना तथा राजकुमार, पुत्र शिवदत्त निवासीः गाराबास बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड की यू.पी.आई. आईडी से उसका भुगतान किया गया है। साथ ही पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने हरिद्वार से फरार होने मे जिस स्कार्पियों का इस्तेमाल किया था वह जमशेदपुर में सारिका इन्टरप्राइजेज के प्रापराईटर यशराज के नाम पर पंजीकृत है। जिस पर पुलिस टीम जमशेदपुर पहुंची। जहंा प्रकाश में आये आरोपी राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में जानकारी मिली कि घटना में प्रयुक्त स्कार्पियों का मालिक यशराज राजकुमार का ही पुत्र है तथा यशराज की स्कार्पियों उसके परिचित आशुतोष व उसके अन्य साथी ले गये है। आज सुबह पुलिस द्वारा एक सूचना के बाद घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा — 2 अपार्टमेंट से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर पुत्र प्रभास ठाकुर निवासीः एमई स्कूल रोड, बाबा बरूदा अपार्टमेंट, फ्लैट नम्बर बी—8 जुगसलाई, जमशेदपुर झारखण्ड के कब्जे से बरामद किया गया तथा संदिग्धता के आधार पर आरोपी मोहित उर्फ अक्षत को हिरासत में लेते हुए पूछताछ हेतु देहरादून लाया गया, जहंा आरोपी मोहित ने पूछताछ में बताया कि आशुतोष के साथ उसके साथी अंकित वर्मा, विशाल सिंह, आकाश तथा अन्य के द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिया गया है। बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उसके मामा विकास महतो द्वारा उसकी मुलाकात आशुतोष पुत्र उपेन्द्र सिंह से कराई गई थी तथा आशुतोष के माध्यम से लगभग 4 वर्ष पहले वह विशाल सिंह तथा अंकित से मिला था। लगभग 2 वर्ष पूर्व टाटा नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले की घटना में आशुतोष जेल गया था तथा कुछ समय बाद अमन सिंह के कहने पर विशाल द्वारा अमरनाथ नाम के एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, जिसमें विशाल जेल चला गया था। जेल में विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था, जिसके चलते विक्रम शर्मा द्वारा जेल में बंद अपने गुर्गों के माध्यम से विशाल को काफी परेशान किया गया था। विशाल द्वारा जेल से बाहर आने के बाद आशुतोष के साथ मिलकर विक्रम की हत्या करने की साजिश रची गयी। आरोपी आशुतोष, सारिका इन्टरप्राइजेज के मालिक यशराज का परिचित था तथा उसे जानकारी थी कि यशराज भी विक्रम शर्मा से काफी परेशान चल रहा है।, क्योंकि यशराज से विक्रम शर्मा रंगदारी मांग रहा था। जिस कारण यशराज द्वारा भी विक्रम शर्मा की हत्या में उसे सहयोग करने की बात कही गई। आरोपियों द्वारा विक्रम शर्मा की हत्या की कोशिश जमशेदपुर व नोयडा में भी की गयी लेकिन वह सफल नहीं हुए जिस पर देहरादून में विक्रम की हत्या की योजना बनाई तथा उसकी दिनचर्या की जानकारी के लिये अंकित वर्मा द्वारा उसी जिम को ज्वाईन कर लिया गया, जहां विक्रम शर्मा रोज जाया करता था। घटना के दिन भी अंकित वर्मा द्वारा ही आशुतोष को फोन कर विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी थी तथा आशुतोष तथा विशाल द्वारा जिम से बाहर आते समय विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आशुतोष, विशाल अपने एक अन्य साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से रेंट पर ली गई बाइक व स्कूटी से हरिद्वार पहुँचे तथा उक्त स्कूटी व बाइक को वापस कर पहले से ही हरिद्वार में खडी की गई यशराज की स्कार्पियो से घटना के दिन ही नोएडा स्थित मोहित के फ्लैट में पहुंचे। जहंा उन्होने मोहित को स्कार्पियों सौंप दी। और फरार हो गये। मामले में अंकित वर्मा पुत्र अरूण वर्मा निवासी टंगरा जिला जमशेदपुर झारखण्ड, आशुतोष सिंह पुत्र उपेन्द्र सिंह निवासी जमशेदपुर झारखण्ड, विशाल सिंह पुत्र सुभाष सिंह निवासी गराबासा बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड, आकाश कुमार प्रसाद पुत्र अरूण प्रसाद निवासी बाग बेड़ा जमशेदपुर झारखण्ड, यशराज पुत्र राजकुमार निवासी जमशेदपुर झारखण्ड व जितेन्द्र कुमार साहु पुत्र मुन्ना साहु निवासीः पूर्वी सिंहभूम झारखण्ड फरार है जिन पर 25—25 हजार का ईनाम घोषित किया गया है।

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