देहरादून। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर जारी चर्चाओं के बीच आज पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने नार्काे टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति जताई। वह देहरादून स्थित सीबीआई कोर्ट पहुंचे और मीडिया के सामने सहमति से संबंधित पत्र भी दिखाया। इसी मामले में कथित वीआईपी से जुड़े दावों की जांच के सिलसिले में उर्मिला सनावर भी सीबीआई कोर्ट पहुंचीं।
मामले में हाल के दिनों में वायरल ऑडियो और उससे जुड़े दावों के बाद एक बार फिर हलचल तेज हुई है। कथित वीआईपी की पहचान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई और संबंधित लोगों के बयानों पर नजर बनी हुई है। पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ ने नार्काे टेस्ट के लिए सहमति जताते हुए जांच एजेंसियों को सहयोग देने की बात कही। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह जांच में हर तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाए हैं। हालांकि, वायरल ऑडियो से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। राठौड़ की ओर से सहमति जताए जाने के बाद मामले में आगे की जांच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, नार्काे टेस्ट की प्रक्रिया और उससे संबंधित आगे की कार्रवाई के बारे में स्थिति जांच एजेंसियों एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही स्पष्ट होगी।
वहीं, कथित वीआईपी से जुड़े दावों की पड़ताल के बीच उर्मिला सनावर भी आज सुबह सीबीआई कोर्ट पहुंचीं। बताया गया है कि नार्काे टेस्ट की प्रक्रिया के संबंध में उन्हें अदालत की ओर से नोटिस जारी किया गया था। कोर्ट पहुंचने के बाद उर्मिला सनावर ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के लिए समय मांगे जाने की बात भी कही। उनके पहुंचने से पहले सुरेश राठौड़ कोर्ट परिसर से निकल चुके थे। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। हालिया घटनाक्रम में सुरेश राठौड़ की नार्काे टेस्ट के लिए सहमति और उर्मिला सनावर के सीबीआई कोर्ट पहुंचने से मामला फिर चर्चा में है।


