संवाददाता
आंध्र प्रदेश। बार्डर क्षेत्र के जंगलों में आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियोंं के बीच मुठभेड़ हो गयी। मुठभेड़ के दौरान शीर्ष माओवादी कमांडर मादवी हिडमा सहित 6 लोगों की मौत हो गयी।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि यह मुठभेड़ आज सुबह 6 से 7 बजे के बीच हुई। बताया कि इस मुठभेड़ में एक टॉप माओवादी लीडर (हिडमा) समेत कुल छह माओवादी मारे गए हैं। इस समय पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे उर्फ राजक्का भी मारी गई है। इस खूंखार माओवादी कमांडर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान घने जंगल में हुआ है, जहां एक माओवादी ग्रुप घूम रहा था। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मुठभेड़ के दौरान छह माओवादी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जेगुरुगोंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुवर्थी गांव के मूल निवासी 51 वर्षीय हिडमा मुरिया अनुसूचित जनजाति से था। उसने कक्षा 10 तक पढ़ाई की। जिसके बाद उसने सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) के रूप में काम किया। बताया जा रहा है कि हिडमा की शादी राजे उर्फ राजक्का से हुई थी, जो एक डिवीजनल कमेटी सदस्य थे और बटालियन में शिक्षक के रूप में भी काम करते थे।
डीजीपी गुप्ता ने बताया कि माओवादी कमांडर हिडमा और उसकी छह लोगों की टीम छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश में घुसने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि यह ग्रुप आंध्र की सीमाओं की जांच कर रहा था। वे पूर्वी गोदावरी जिले के मारेदुमिल्ली इलाके से आंध्र प्रदेश में घुस रहे थे और आगे ओडिशा की ओर बढ़ने की भी कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान, सुरक्षाबलों के एक ऑपरेशन के दौरान उनकी मुठभेड़ हो गई। डीजीपी के अनुसार, इस मुठभेड़ में हिडमा, उसकी साथी (संभवतः राज) और तीन अन्य समेत कुल छह माओवादी मौके पर ही मारे गए। घटनास्थल से एके—47 राइफलें भी जब्त की गई हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों से की बात
दिल्ली/आंध्र प्रदेश। सुरक्षा बलों पर सशस्त्र हमलों के विभिन्न मामलों में फरार टॉप नक्सली कैडर मांडवी हिडमा के मारे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आलाधिकारियों से बात की। हिडमा को सुरक्षा बलों द्वारा पकड़ने के लिए निर्धारित 30 नवंबर, 2025 की समय सीमा से पहले ही मार गिराया गया है।


