अब तक हो चुकी है तीन गिरफ्तारियां
पेपर लीक मामले का होगा दूध का दूध पानी का पानी
संंवाददाता
देहरादून। पेपर लीक मामले की जांच में जुटी सीबीआई द्वारा आज बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पवार से लंबी पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में सीबीआई ने टिहरी के एक कॉलेज में प्रोफेसर सुमन को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। जिस पर इस लीक पेपर को हल करने का आरोप लगा था।
सितंबर माह में आयोजित यूकेएसएसएससी का पेपर हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से लीक होने का मामला प्रकाश में आया था। इस परीक्षा केंद्र से इस परीक्षा के प्रश्न पत्र के तीन पेज परीक्षा केंद्र से उस समय बाहर आ गए थे जब परीक्षा शुरू हुए 1 घंटे का समय भी नहीं हुआ। खास बात यह है कि बेरोजगार संघ के नेताआें और पदाधिकारियों तक भी यह पर्चा तुरंत पहुंच गया था और उन्होंने इसे प्रमाण के तौर पर उसी समय वायरल कर दिया गया था। व्हाट्सएप पर इसके वायरल होते ही बेरोजगार युवाओं में आक्रोश देखा गया था तथा इसके खिलाफ देखते ही देखते राज्यव्यापी आंदोलन शुरू हो गया था।
शासन—प्रशासन द्वारा छात्रों व युवाओं के इस आंदोलन के शुरुआती दौर में इसे पेपर लीक की घटना मानने से इनकार किए जाने से इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। सरकार द्वारा एसआईटी जांच को ठुकराते हुए यह युवा छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़ गए थे। जिसके कारण सीएम धामी को इसकी सीबीआई जांच के आदेश देने पर विवश होना पड़ा था। इसमें हालांकि पुलिस द्वारा आरोपी खालिद और उसकी बहन साबिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
सीबीआई जो वर्तमान में इसकी जांच कर रही है एक अन्य आरोपी जिसका नाम सुमन है, को गिरफ्तार किया गया है। आज सीबीआई द्वारा बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पवार जिन्होंने अपने व्हाट्सएप से इसे वायरल किया था, को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके पास यह पेपर कहां से आया था। समाचार लिखे जाने तक बॉबी पवार से पूछता जारी है। सीबीआई की इस जांच से क्या कुछ निकल कर सामने आता है इस विषय में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि पेपर लीक मामले में एक पूरा रैकेट लंबे समय से काम कर रहा है।
सीबीआई ने की बॉबी पवार से पूछताछ


