देहरादून: प्रदेश में तेजी से फैल रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ अब सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण, अवैध कब्जा या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने 5 अगस्त 2025 को अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए। बंशीधर तिवारी ने साफ कहा कि जो अधिकारी अवैध निर्माण करने वालों को चिन्हित नहीं करेंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित थाने के थानाध्यक्ष और राजस्व विभाग के अधिकारी यदि अवैध निर्माण नहीं रोक पाए तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गंगा नदी किनारे और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहे अवैध निर्माणों को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए और साफ कर दिया कि किसी भी हाल में स्थिति नहीं सुधरी तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
अवैध निर्माणों पर रोक के लिए सख्त दस्ता गठित
एमडीडीए द्वारा अब सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सख्त दस्ते गठित किए जाएंगे, जो विभिन्न सेक्टरों में समय निर्धारण कर अवैध निर्माण पर निगरानी रखेंगे। हर टीम की दस्ते नियमित रूप से गश्त करेंगी और किसी भी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देंगी।
सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण पर त्वरित कार्रवाई
जहां कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण होता पाया गया, उस पर सीलिंग/हस्ताक्षेप की कार्रवाई तत्काल की जाएगी।
संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में विशेष निगरानी
गंगा नदी के किनारे, आईईएमए, डीआरडीओ जैसे सुरक्षा महत्व के क्षेत्रों, और हाईटेंशन लाइन के नीचे हो रहे निर्माणों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यावसायिक भवनों में वॉटर कन्जर्वेशन अनिवार्य
नवनिर्मित और पूर्व निर्मित व्यावसायिक इमारतों में वॉटर कन्जर्वेशन सिस्टम की जांच की जाएगी। जहां यह व्यवस्था नहीं मिलेगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध प्लॉटिंग पर जनता को किया जाएगा जागरूक
जिन सरकारी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग की गई है, वहां क्रय-विक्रय न हो इसके लिए आम जनता को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी कार्यों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी सजग रहें और समयबद्ध कार्रवाई करें। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप “भ्रष्टाचार मुक्त और सुशासन युक्त उत्तराखंड” की परिकल्पना को साकार करेगा, जहां जनता का राज और जनता ही सर्वोपरि हो।


