मुख्यमंत्री धामी खुद धरना स्थल पहुंचे
छात्रों से संवाद के बाद की लिखित संस्तुति
संवाददाता
देहरादून। आखिरकार युवा बेरोजगारों के आंदोलन के आठवें दिन सरकार को उनकी मांग मानने पर विवश होना ही पड़ा। राजधानी दून में चल रहे आंदोलन स्थल पर आज शाम सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद युवाओं के बीच पहुंचे और उनके साथ संवाद किया। युवाओं की भावनाओं के अनुरूप उन्होंने धरना स्थल पर ही उनकी प्रमुख मांग पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति कर दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा विधायक खजान दास तथा उमेश शर्मा काऊ के माध्यम से की गई इस पहल का कई अन्य भाजपा नेता भी हिस्सा रहे। दरअसल पुलिस—प्रशासन के स्तर पर पहले भी इन आंदोलित युवाओं को समझाने बुझाने का प्रयास किया गया था लेकिन सरकार जो न इस घटना को पेपर लीक मामला मानने को तैयार थी और न इसकी सीबीआई जांच करने को। सरकार की इस हटधर्मिता के कारण यह आंदोलन पूरे राज्य में फैल गया। सरकार द्वारा इस आंदोलन को समाप्त कराने के जब सभी प्रयास असफल हो गए थे तब सरकार ने आज इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को मानने का फैसला किया।
छात्रों के बीच पहुंचे सीएम धामी ने आज युवाओं के साथ पूरी संवेदना दिखाते हुए कहा कि आप ही धरने पर नहीं बैठे हैं मैं भी आपके साथ धरने पर मौजूद हूं। मैं नहीं चाहता कि प्रदेश के भाई—बहनों बेटे और बेटियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय हो। उन्होंने एसआईटी जांच का हवाला भी दिया और कहा कि आपके द्वारा विरोध करने पर हमने इस जांच को यूसी ध्यानी को सौंप दिया था। छात्रों ने भी सीएम को उनके नकल विरोधी कानून का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून में यह भी लिखा है कि अगर एक भी लाइन प्रश्न पत्र बाहर जाता है तो वह पेपर लीक माना जाएगा। मुख्यमंत्री से छात्रों ने कहा कि वह लिखित में इसकी संस्तुति करें कि सीबीआई इस मामले की जांच करेगी। धरना स्थल पर ही उन्होंने इसकी लिखित संस्तुति की तो छात्रों ने ताली बजाकर इसका स्वागत किया व धरना भी समाप्त कर दिया।
सरकार का यू टर्न, सीबीआई जांच की संस्तुति


