हमारे संवाददाता
चमोली। मानसूनी सीजन अभी शुरू भी नहीं हुआ था उससे पहले ही चमोली जिले के नारायणबगड़ में बादल फटने के कारण हुई तेज बारिश ने तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। जिस कारण भारी मात्रा में मलबा बाजार, स्कूल, दुकानों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। जिसके चलते कई वाहन मलबे की चपेट में आने के कारण फंस गये।
उत्तराखण्ड में अभी मानसूनी सीजन शुरू भी नहीं हुआ है लेकिन यहंा से बादल फटने के चलते हुए तेज बारिश के कारण तबाही की खबरे आना शुरू हो गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहंा चमोली जिले के नारायणबगड़ में तेज बारिश ने तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद भारी मात्रा में मलबा बाजार, स्कूल, दुकानों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए, जबकि हाईवे घंटों बाधित रहा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि बीती देर रात हुई अतिवृष्टि के बाद नारायणबगड़ बाजार में भारी मात्रा में पत्थर और मिटृी का मलबा आ गया। राजकीय इंटर कॉलेज परिसर, कई दुकानों और वाहनों में मलबा घुस गया। राष्ट्रीय राजमार्ग भी मलबे से पट गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। आज सुबह से ही बीआरओ की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले 8 से 10 वर्षों से हर बारिश में इसी स्थान पर भारी मलबा आता है। यहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी लगातार खतरे की जद में रहता है, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं किए गए हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है।
मानसून से पहले ही चमोली में बादल फटने से मची भारी तबाही मलबे की जद में आये कई वाहन, मकान व दुकान


